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हिंदी व्याकरण : प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न






परिभाषासंज्ञा का शाब्दिक अर्थ होता है : नाम। किसी व्यक्ति,वस्तु,स्थान तथा भाव के नाम को संज्ञा कहा जाता है अर्थात किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु आदि तथा नाम के गुण, धर्म, स्वभाव का बोध कराने वाले शब्द को संज्ञा कहते हैं। जैसे – श्याम, आम, मिठास, हाथी आदि।
संज्ञा के प्रकार :-
व्यक्तिवाचक संज्ञा
जातिवाचक संज्ञा
भाववाचक संज्ञा
समूहवाचक संज्ञा
द्रव्यवाचक संज्ञा
मुख्य रूप से संज्ञा तीन प्रकार की होती है’ –
व्यक्तिवाचक संज्ञा।
जातिवाचक संज्ञा।
भाववाचक संज्ञा।
व्यक्तिवाचक संज्ञा:- जिस शब्द से किसी एक विशेष व्यक्ति,वस्तु या स्थान आदि का बोध होता है, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते है। राम
जातिवाचक संज्ञा :- जिस शब्द से एक ही जाति के अनेक प्राणियो या वस्तुओं का बोध हो ,उसे जातिवाचक संज्ञा कहते है। जैसे – कलम
भाववाचक संज्ञा :- जिस संज्ञा शब्द से किसी के गुण,दोष,दशा ,स्वभाव ,भाव आदि का बोध होता हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते है। जैसे -ईमानदारी
समूहवाचक संज्ञा :- जो संज्ञा शब्द किसी समूह या समुदाय का बोध कराते है, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते है । जैसे -भीड़
द्रव्यवाचक संज्ञा :- जो संज्ञा शब्द ,किसी द्रव्य ,पदार्थ या धातु आदि का बोध कराते है, उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है। जैसे -,दूध ,पानी आदि।हिंदी व्याकरण विषय-सूचि

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